यूपी पुलिस सिपाही भर्ती दौड़ में महिला अभ्यर्थियों ने भर्ती बोर्ड पर सवाल उठाए हैं। आखिरी मिनट के आखिरी सेकेंड में जब बागपत और सहारनपुर की अभ्यर्थी बाहर हुईं तो उन्होंने आरोप लगाया कि वह दौड़ क्वालीफाई कर गईं थीं। उन्हें दौड़ से यह कहकर बाहर कर दिया कि कंप्यूटर के समय के अनुसार वह दौड़ क्वालीफाई नहीं कर सकीं। 

यूपी पुलिस सिपाही भर्ती के लिए मेरठ पुलिस लाइन में शैक्षिक प्रमाणपत्रों के सत्यापन और नापतौल के लिए सेंटर बनाया गया है। दौड़ छठी वाहिनी पीएसी के मैदान पर चल रही है। मेरठ जोन के नौ जिलों के अलावा इलाहाबाद, फर्रुखाबाद, कानपुर, औरैया, इलाहाबाद और वाराणसी और अन्य जिलों के अभ्यर्थियों का भी मेरठ में ही सेंटर बनाया गया है। 

सीओ दिनेश शुक्ला ने बताया कि शनिवार को 757 महिला अभ्यर्थियों में से 131 अभ्यर्थी ही दौड़ पूरी कर सकीं। बाकी 626 अभ्यर्थी दौड़ में बाहर हो गईं। 11 अभ्यर्थी चक्कर खाकर गिर पड़ीं। दौड़ के लिए पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 25 मिनट में 4800 मीटर और महिला अभ्यर्थियों के लिए 14 मिनट में 2400 मीटर की दौड़ पूरी करनी है। एक चक्कर 400 मीटर का बनाया है।

बोर्ड के निर्देश हैं
भर्ती बोर्ड के निर्देश पर दौड़ के लिए निर्धारित समय है। दौड़ में आखिरी सेकेंड में अभ्यर्थी का पैर कहां है, इसका पूरा रिकॉर्ड है। निष्पक्षता और पारदर्शिता से ही भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पूरी रिपोर्ट नोडल अधिकारी संजीव वाजपेयी को दे दी गई थी। – दिनेश शुक्ला, सीओ

आखिरी सेकेंड में हुईं बाहर
बागपत की रितु सिंह और सहारनपुर की पूनम और अन्य महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि जब आखिरी सेकेंड था तो वह दौड़ पूरी कर गई थीं। अधिकारियों ने कहा कि दौड़ सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कंप्यूटर आधारित चिप से की जा रही है। जिसमें एक सेकेंड की भी हेराफेरी की गुंजाइश नहीं है।

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